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हिंदी भाषण - कितना उचित?

Posted On: 28 Sep, 2014 Others,Junction Forum,Politics में

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    हमारे अहं को तुष्टि तो अवश्य मिली, किंतु…

    असमंजस में हूँ कि यदि मेरे घर पर आयोजित किसी समारोह में मेरे सारे मित्र अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में ही बात करें तो क्या मुझे अच्छा लगेगा? क्या अन्य अतिथियों को अच्छा लगेगा? क्या मैं उनका सम्मान करूँगा कि वे अपनी भाषा पर गर्व करते हैं? या फिर ये मुझे उनकी संकीर्णता लगेगी?

    संयुक्त राष्ट्र महासभा में वे सारे प्रतिनिधि, जिन्होंने आधिकारिक भाषा का प्रयोग नहीं किया, उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि उन्हें उस भाषा का ज्ञान ना के समान था.

    संभवतः इसी कारण हमारे प्रधानमंत्री के भाषण के समय 70 प्रतिशत सभा अनुपस्थित थी.

    हमारे अहं को तुष्टि तो अवश्य मिली किंतु भारत जैसे विशालकाय एवं महत्वपूर्ण देश के संबोधन में 70 प्रतिशत सभा-शून्यता क्या हमारा अपमान नहीं? क्या हमारा गर्वानुभव इस मूल्य को चुका सकता है?

    देशवासियों के तुष्टिकरण के प्रयास में कहीं हम वैश्विक पटल पर अपनी दंभी छवि तो प्रस्तुत नहीं कर रहे?

    और हाँ, इस बार प्रधानमंत्री अपने भाषण में कई स्थानों पर अटके, और पढ़कर बोले. कई स्थानों पर शब्द एवं उच्चारण भी त्रुटिपूर्ण था. कहीं भाषा के पूर्वाग्रह ने ही तो मोदी की ओजमई और प्रभावशाली शैली को ग्रसित नहीं कर दिया?

    अत्यंत प्रसन्नता होगी यदि कभी हिन्दुस्तान का कोई प्रधानमंत्री, हिन्दुस्तान के भीतर, हिन्दुस्तान के ही राज्य तमिलनाडु में किसी महासभा को हिन्दी में संबोधित कर पाये. क्या ये संभव है? आज तो ये मात्र दिवास्वप्न लगता है.

    पंकज जौहरी.

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

s.p.singh के द्वारा
September 28, 2014

भाई जोहरी जी जैसा आप भी जानते है, लेकिन हम ऐसा नहीं कह सकते की अंधे के हाथ बटेर लग गई बल्कि ऐसा जरूर कह सकते है कि बाकि लोगो को प्रचार के माध्यम से अँधा करके आँखों वाले ने बटेर पकड़ ली है तो जश्न भी जरूर मानेगा वह भी हिन्दुत्त्व के अलंबरदारों केद्वारा अब अगर हिन्दू, हिन्दुत्त्व, और हिंदी की बात हमारे ये नेता नहीं करेंगे तो कौन करेगा ? भले ही अपने देश में हिंदी आज भी बेहाल हो और अंग्रेजी हिंदी पर हावी हो लेकिन क्या जाता है अगर अंग्रेजी में हाथ तंग होने पर विदेश में हिंदी बोली जाय और वाह वाही लूटी जाय ? यही तो इवेंट मैनेजमेंट का कमाल है ?

    johrip के द्वारा
    September 30, 2014

    प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए धन्यवाद. मुझे हिंदी से कोई समस्या नहीं किन्तु हमारे प्रधानमंत्री के भाषण में यदि ७०% सभा अनुपस्थित हो तो ये मुझे अपमानजनक लगता है. ये अनुपस्थिति वाली बात किसी समाचारपात्र ने नहीं छापी.

jlsingh के द्वारा
September 28, 2014

सही विवेचना ! इतना शोर किसी भी राजनेता के लिए अब तक न हुआ होगा…

    johrip के द्वारा
    September 30, 2014

    प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए धन्यवाद.


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